लेखक परिचय
अजय कुमार पाण्डेय
30 जुलाई 1974 को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जनपद में जन्मे अजय कुमार पाण्डेय वर्तमान में हैदराबाद (तेलंगाना) में निवासरत हैं। भारतीय रेल के सिकंदराबाद मंडल, दक्षिण मध्य रेलवे में मेल एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर के पद पर कार्यरत रहते हुए भी साहित्य-साधना उनके जीवन का अभिन्न अंग रही है।
कविता, गीत, मुक्तक, छंद, खण्डकाव्य तथा भावप्रधान गद्य उनकी सृजन-यात्रा के प्रमुख आयाम हैं। उनके गीत-संग्रह "कुछ तुम चलो कुछ हम चलें" तथा "देख संध्या ढल रही है" साहित्य प्रेमियों के बीच विशेष रूप से सराहे गए हैं। इसके अतिरिक्त उनका चर्चित खण्डकाव्य "राधेय" भारतीय सांस्कृतिक चेतना, मानवीय मूल्यों और कर्ण के व्यक्तित्व को नई दृष्टि से प्रस्तुत करता है।
साहित्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है, जिनमें हिन्दी साहित्य वैभव सम्मान, रेड डायमंड अचीवर अवार्ड, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र सम्मान, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राष्ट्रीय पुरस्कार, यशपाल साहित्य सम्मान, महात्मा गांधी ग्लोबल पीस अवार्ड, महाकवि नीरज सम्मान, पंडित रामनरेश त्रिपाठी सम्मान तथा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर स्मृति सम्मान प्रमुख हैं।
वे अवध चेतना मंच सोसाइटी, हैदराबाद के संस्थापक सदस्यों में से हैं तथा साहित्य और समाज सेवा के विविध आयामों में निरंतर सक्रिय हैं।
"अमलतास के आँसू" उनकी संवेदनशील लेखनी का एक ऐसा उपन्यास है, जो प्रेम, विरह, स्मृतियों और जीवन के अनकहे सत्य को भावनाओं की गहनता के साथ पाठकों तक पहुँचाने का विनम्र प्रयास है।
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