आधे की महिमा

आधे की महिमा 

आधा-आधा मिला यहाँ जब पूरा जीवन पाया है 
आधे की महिमा बस इतनी इसने पूर्ण बनाया है 

आधा मेरा आधा तेरा आधे ने सब पूर्ण किया 
आधा-आधा मिला भाव जब रिश्तों को संपूर्ण किया 
आधा-आधा मिले चाँद तो होता पूरनमासी है 
आधा शिव आधी गौरा बस यही सत्य अविनाशी है 

आधा हुआ पूर्ण तब ही जब आधे ने अपनाया है 
आधे की महिमा बस इतनी इसने पूर्ण बनाया है 

माँ ने दी जब आधी रोटी तब समृद्धी आयी है 
आधी भूख पिता ने त्यागी तब कलियाँ मुस्काई हैं
आधा-आधा मिला ज्ञान जब पूरा ब्रह्म बनाया है 
ज्ञान भक्ति का सामंजस में सारा जगत समाया है 

आधा-आधा पथ मिलकर ही पूरा पंथ सजाया है 
आधे की महिमा बस इतनी इसने पूर्ण बनाया है 

आधी इच्छा आधी तृष्णा जीवन भर तड़पाती है 
आधे अपने आधे सपने नींद चुरा ले जाती है 
रिश्ते आधे रहे अगर तो उम्र अधूरी लगती है 
आधी-आधी मिल जाये तो खुशियाँ पूरी लगती है 

आधी-आधी खुशियाँ जोड़ी फिर गीतों में गाया है 
आधे की महिमा बस इतनी इसने पूर्ण बनाया है 

आधी रात दिवस आधा तो दिन का कोई मोल नहीं 
मिल जायें जब सभी प्रहर तो इनका कोई तोल नहीं 
आधी रात अधूरी तब तक जब तक कोई साथ न हो 
जग का सफर अधूरा तब तक हाथों में यदि हाथ न हो 

कहने को बस आधा है पर इसमें जगत समाया है 
आधे की महिमा बस इतनी इसने पूर्ण बनाया है 

✍अजय कुमार पाण्डेय 
     हैदराबाद 
    18नवंबर, 2025

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