गीतों में कहानी

गीतों में कहानी

साथी गीतों के मधुवन में हमने भी बोये गीत नए,
कुछ गीतों में विरह वेदना औ कुछ में लिखी कहानी है।

दो चार कहानी नयनों की दो चार कहानी सपनों की,
दो चार कहानी जख़्मों की दो चार कहानी अपनों की।
साथी गीतों के मधुवन में कुछ यादें नई पुरानी हैं,
कुछ गीतों में विरह वेदना औ कुछ में लिखी कहानी है।

किसी गीत में त्याग समर्पण औ किसी गीत में अभिलाषा,
किसी गीत में नेह लिखा है प्रिय कहीं लिखी मन की भाषा।
साथी गीतों के मधुवन में मन की अपनी रजधानी है,
कुछ गीतों में विरह वेदना औ कुछ में लिखी कहानी है।

कुछ शब्द मुखर हो गिरे कहीं कुछ रिश्तों में ही उलझ गए,
कुछ शब्द हृदय में चुभे कहीं कुछ पलकों में ही झुलस गए।
साथी गीतों के मधुवन में ये कैसी आना कानी है,
कुछ गीतों में विरह वेदना औ कुछ में लिखी कहानी है।

कितने साथी पथ में आये औ कितने साथी छूट गए,
कितने रिश्ते गीत बनाये औ कितने रिश्ते टूट गए।
साथी गीतों के मधुवन में रिश्तों की अलग निशानी है,
कुछ गीतों में विरह वेदना औ कुछ में लिखी कहानी है।

©✍️अजय कुमार पाण्डेय
        हैदराबाद
       03 अगस्त, 2024

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