होली।

होली।   

रंग बिरंगे भाव सजायी
आज दिवानों की टोली
मस्ती का मौसम आया है
खेल रहे सब मिल होली।।

कहीं गूँजते गीत सुरीले
कहीं मृदुलता छाई है
कहीं मचलते भाव सुनहरे
कहीं चपलता छाई है
सजधज कर के नाचे मौसम
फैली सूरज की रोली
मस्ती का मौसम आया है
खेल रहे सब मिल होली।।

कहीं बना है कान्हा कोई
कहीं राधिका रानी है
रास-रंग के इस मौसम में
नूतन राग सुनानी है
झूम-झूम कर नाच रहे सब
खुशियों ने बाहें खोली
मस्ती का मौसम आया है
खेल रहे सब मिल होली।।

आज अपरिचित रहे न कोई
सबको तुम अपना कर लो
भूले भटके, दूर बसे जो
सबको पलकों में भर लो
खुली पलक में स्वप्न सजे हों
बनी रहे ये रंगोली
मस्ती का मौसम आया है
खेल रहे सब मिल होली।।

©✍️अजय कुमार पाण्डेय
        हैदराबाद
        20मार्च, 2022

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