तुम कहो अगर तो गा लूँ मैं।

तुम कहो अगर तो गा लूँ मैं।  

कुछ गीत लिखे हैं जीवन के
तुम कहो अगर तो गा लूँ मैं 
अगले पल की किसे खबर है
कहो अगर दिल बहला लूँ मैं।।

आने वाले पल जीवन के
जाने क्या कुछ ले आयेंगे
जाने वाले पल जीवन के
जाने क्या क्या ले जायेंगे।
इस पल में जो पास यहाँ है
कहो अगर तो अपना लूँ मैं
कुछ गीत लिखे हैं जीवन के
तुम कहो अगर तो गा लूँ मैं।।

पुष्प खिले जो भी उपवन में
साँझ ढले मुरझा जायेंगे
गर इनको ना मिला सहारा
काँटों में उलझा जायेंगे।
इनके उलझाने से पहले
काँटों को सुलझा लूँ मैं
कुछ गीत लिखे हैं जीवन के
तुम कहो अगर तो गा लूँ मैं।।

पल पल आशाएँ जीवन की
सुनो जरा क्या कुछ कहती हैं
जाने इस जीवन के कितने
सपने ये बुनती रहती हैं।
सपनों की इन घड़ियों में
अपना संसार बसा लूँ में
कुछ गीत लिखे हैं जीवन के
तुम कहो अगर तो गा लूँ मैं।।

©️✍️अजय कुमार पाण्डेय
        हैदराबाद
         22अगस्त, 2021

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