गीत-प्रेम दीवानी।

गीत- प्रेम दीवानी।  

मैं तो दीवानी हुई
सपनों की रानी हुई
डूबी मैं तुझमें ऐसे
ज्यूँ मीरा दीवानी हुई।।

सुध-बुध भूली ऐसे
अपनी खबर ही नहीं
डूबी मैं तुझमें ऐसे
अपनी कदर ही नहीं।

आन बसे जो दिल में
ये सांसें सुहानी हुई।
डूबी मैं तुझमें ऐसे
ज्यूँ मीरा दीवानी हुई।।

तुझसे शुरू हो करके
तुझपे ही खत्म हूँ मैं
नहीं और चाहत दिल में
बस तेरी चाहत हूँ मैं।

तेरे ही सपने देखूं
रातें सुहानी हुई।
डूबी मैं तुझमें ऐसे
ज्यूँ मीरा दीवानी हुई।।

इतनी है चाहत मेरी
साथ तेरा न छूटे
रूठे भले जग सारा
मुझसे पिया ना रूठे।

पिय की खुशी ही मेरे
होठों की लाली हुई।
डूबी मैं तुझमें ऐसे
ज्यूँ मीरा दीवानी हुई।।

मैं तो दीवानी हुई
सपनों की रानी हुई
डूबी मैं तुझमे ऐसे
ज्यूँ मीरा दीवानी हुई।।

✍️©️अजय कुमार पाण्डेय
       हैदराबाद
       26अगस्त,2020




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