आंसू

              आंसू                  


आंसू- दिल की जुबां है 
दिल हँसता है-तो हंसते हैं आंसू | 
दिल रोता है- तो रोते हैं आंसू 
हर अनकही जज़्बात की पहचान हैं - आंसू | 

जीत की ख़ुशी हो, या 
हार का हो दुःख,
सफलता की सूचना हो, या 
असफलता की खबर ,
बरबस ही आँखों को भिंगोते हैं- आंसू | 

मिलन की घडी हो- या 
बिछोह का हो वक्त,
जन्म की ख़ुशी हो , या 
हो मौत का गम ,
आँखों को नम करते हैं आंसू | 

हैं तो ये महज खारा पानी 
पर हमारे दिलों की जज़्बात 
ये आंसू || 

अजय कुमार पाण्डेय 



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