जंग

          जंग                   


सूरज आता है 
रात के स्याह अँधेरे को चीरते हुए 
अपनी अरुणिमा से संसार को सराबोर करता है 
एक नई उम्मीद, एक नई प्रेरणा देता है,
हमें, हम सबको 
जो जीवन की कठिनाइयों से थक गए हैं | 

कहता है -
उठो , ये वक्त नहीं है थकने का 
ये वक्त है आगे बढ़ने का | 
जीवन एक जंग है , हर कदम 
लड़ना है इससे, जीतना है- जंग को 
एहसास देता है 
हर रात की सुबह होती है 
वैसे ही,हर असफलता के बाद सफलता होती है 
फिर क्या सोच रहे हो,
कोई नहीं है जो आएगा 
जो आगे बढ़ेगा वही मंज़िल पायेगा || 

अजय कुमार पाण्डेय 




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