कलम से प्रार्थना।

कलम से प्रार्थना।  

शब्द शब्द में भाव मधुरतम
सब मिल गायें प्रेम तराना।
चलो कलम कुछ ऐसा लिख दो
जग जिसको पढ़ हो दीवाना।

जन जन में नव आशा भर दो
उम्मीदें अभिलाषा भर दो
प्रेम मुखर हो हर अधरों पर
अपनेपन की भाषा भर दो।

ऐसा जादू छाए हिय पर
झूमे नाचे गाये तराना।
चलो कलम कुछ ऐसा लिख दो
जग जिसको पढ़ हो दीवाना।।

अनासक्ति में आसक्ति भर दे
अनुनय विनय औ भक्ति भर दे
ऐसा कुछ तो मंत्र बता दो
एहसासों में  शक्ति भर दे।

शुद्ध भाव हो क्लेश मिटे सब
सबका सबसे हो याराना।
चलो कलम कुछ ऐसा लिख दो
जग जिसको पढ़ हो दीवाना।।

✍️©️अजय कुमार पाण्डेय
       हैदराबाद
      25जनवरी, 2021





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