तारक बनो

      तारक बनो।                                          

शस्त्र हो या शास्त्र 
दोनों में पारंगत बनो
हो जब राष्ट्र की बात
राष्ट्रधर्म के वाहक बनो।।

है नही अस्तित्व हमारा
धर्म से विमुख होकर
धर्म रक्षा के लिए
धर्म के प्रचारक बनो।।

न भटको निज स्वार्थ में
प्रलोभनों में, अपराध में
ये राष्ट्र हमारी कर्मभूमि है
इसके तुम तारक बनो।।

अजय कुमार पाण्डेय

हैदराबाद


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