श्रीज्ञान श्रेष्ठम नाथनाथम श्रीमद्भागवत शरणम प्रपद्ये।।
©✍️अजय कुमार पाण्डेय
हैदराबाद
राष्ट्रनीति का वाहक, एक राष्ट्र श्रेष्ठ राष्ट्र का समर्थक, बेबाकी से दिल की बातों को कहता हूँ।
झुलसाया है इतना
वक्त के थपेड़ों ने
के नींद से उठकर के
अब जग गया हूँ।।
मेरी सभी रचनाओं का सर्वाधिकार सुरक्षित है।
email-ajaykpandey197494@gmail.com
ख़याल करता हूँ वतन को बाँटने वालों से सवाल करता हूँ, मैं आज भी उसी भारत का ख़याल करता हूँ। जो सच की बात करे उसकी आवाज़ दबती है, मैं ऐसे हर सि...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें