मुक्तक

मुक्तक-
कभी ये गीत मेरे गाये जाएंगे।।

लिखे जो गीत जीवन के कभी तो मुस्कुरायेंगे
करेंगे याद हर लम्हे इसे सब गुनगुनायेंगे।
गाता हूँ अकेले मैं अभी दुनिया के मेले में 
मेरे गीत महफ़िल में कभी तो गाये जाएंगे।।


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