मुक्तक- संघर्ष, हौसला, लक्ष्य।

मुक्तक- संघर्ष, हौसला, लक्ष्य।  

जिंदगी का पथ आसान बना लेते हैं
दर्द कैसा हो मुस्कान बना लेते हैं
जो पुण्य पथिक हैं इस संघर्ष मार्ग के
काँटों में भी पहचान बना लेते हैं।।

ये माना जिंदगी आसान नहीं होती
मेहनत कोई हो अनाम नहीं होती
जो यदि हौसला हो कुछ कर गुजरने का
तो कोई मंजिल गुमनाम नहीं होती।।

माना जिंदगी हर कदम एक इम्तिहान है
पर तेरे कदमों में ही तो आसमान है
अब जला ले अपने हौसलों के चिराग तू
फिर तिरे लक्ष्य में कहाँ कोई व्यवधान है।।

©®✍️अजय कुमार पाण्डेय
           हैदराबाद
          10दिसंबर, 2021




ना रुकना तू लक्ष्य का संधान कर।।




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

लेखक परिचय

लेखक परिचय अजय कुमार पाण्डेय 30 जुलाई 1974 को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जनपद में जन्मे अजय कुमार पाण्डेय वर्तमान में हैदराबाद (तेलंगाना) में...