राम नाम महिमा।

राम नाम महिमा।  

राम नाम अति सुंदर एका देखहिं भालहिं रूप अनेका
एकहि नाम जगत के तारा जिन पर है विश्वास हमारा
प्रभु राम कृपा जिनपर होई सकल काज संपूरण होई
देखि विचारि सोचि जब कहहू राम कृपा 
तब मिलही सबहू
दया धरम नृप धर्म है एका करहु काज विचारी विवेका
हानि लाभ मद मोह अनेका जे जपै नाम छूटहि सोका
कहत अजय मन सुंदर राखा मिलहि भक्ति फल सुंदर चाखा।।

©️✍️अजय कुमार पाण्डेय
        हैदराबाद
       11सितंबर, 2021


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कर्तव्य

कर्तव्य एक मौलिक महाकाव्य मंगलाचरण वाणी! आज नहीं माँगूँ मैं केवल मधुरिम गान, आज जगा दे शब्दों में फिर से सोया इंसान। ऐसी अग्नि जगा दे हिय मे...