तुमने सुन लिया।

तुमने सुन लिया।   

मैंने तो कुछ कहा नहीं
तुमने मगर सुन लिया
मन में मेरे जो भी था 
तुमने मगर सुन लिया।।

तुमसे अब मैं क्या कहूँ यहाँ
सभी कुछ तुमने कह दिया।
मैंने जो भी कहा नहीं
तुमने मगर सुन लिया।।

तुमसे मिले मुझको लगा
जिंदगी को साहिल मिला
सोई सोई चाहतों के
सपनों को हासिल मिला।

स्वप्न में जो मैंने बुना
तुमने मुझे वो कह दिया।
मैंने तो कुछ कहा नहीं
तुमने मगर सुन लिया।।

अब दुनिया मेरी तुमसे शुरू
तुमसे ही हैं सपने मेरे
तुमसे सारी आशाएँ हैं
तुमसे ही अब साँसें मेरी।

मेरि खुशनसीबी है ये
जो तुमने मुझे चुन लिया।
मैंने तो कुछ कहा नहीं
तुमने मगर सुन लिया।।

✍️©️अजय कुमार पाण्डेय
       हैदराबाद
       08फरवरी, 2021



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

लेखक परिचय

लेखक परिचय अजय कुमार पाण्डेय 30 जुलाई 1974 को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जनपद में जन्मे अजय कुमार पाण्डेय वर्तमान में हैदराबाद (तेलंगाना) में...