तेरा प्यार अब दवा हो गया।

तेरा प्यार अब दवा हो गया।  

न तेरी खता थी, न मेरी खता थी
मगर कोई अपना खफ़ा हो गया है।

खबर कुछ नहीं है खता किसकी थी वो
सनम वो मगर अनमना हो गया है।

दिए ख्वाब जिसने, सुहाने सफर के
वही रास्ते से जुदा हो गया है।

कभी साथ जिसका गँवारा नहीं था
सुना है कि अब वो खुदा हो गया है।


मुझे क्या किसी भी दवा की जरूरत 
तेरा प्यार ही अब दवा हो गया है।।

✍️©️अजय कुमार पाण्डेय
       हैदराबाद
       01फरवरी, 2021



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

लेखक परिचय

लेखक परिचय अजय कुमार पाण्डेय 30 जुलाई 1974 को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जनपद में जन्मे अजय कुमार पाण्डेय वर्तमान में हैदराबाद (तेलंगाना) में...