हथेली पर गुलाबी अक्षर।


हथेली पर गुलाबी अक्षर।  

मन में कितने भाव सुहाने
प्रिय आज हमारे रच डाले
शोख गुलाबी अक्षर तुमने 
आज हथेली पर लिख डाले।।

भीनी भीनी खुशबू फैली
अंतस में तेरे आने से
जीवन मुझको आज मिला है
इक बस तेरे मुस्काने से।

तेरी मुस्काहट ने कितने
अरमान सुहाने रच डाले।
शोख गुलाबी अक्षर तुमने
आज हथेली पर लिख डाले।।

बादामी जीवन कर डाला
बस इक तेरी सुनवाई ने
सपनों ने भी डेरा डाला
आज मधुर अँगनाई में।

पलकों ने अनगिन सपने
फिर आज सुहाने रच डाले।
शोख गुलाबी अक्षर तुमने 
आज हथेली पर लिख डाले।।

नहीं रही अब चाहत कोई
इक बस तुझसे जीवन पाऊँ
भोर खिले या साँझ ढले
बस साथ तुम्हारे मुस्काऊँ।

बस इक तेरे मिलन मात्र ने
कितने सपने हैं रच डाले।
शोख गुलाबी अक्षर तुमने
आज हथेली पर लिख डाले।।

✍️©️अजय कुमार पाण्डेय
       हैदराबाद
       27जनवरी, 2021

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