नूतन अभियान लिए।

नूतन अभियान लिए।  

आज राह भी चली सफर में
नूतन इक अभियान लिए
और हवाएँ साथ चली हैं
मधुरिम सी मुस्कान लिए।

पुण्य पंथ है पथिक तिहारा
नित नूतन संकल्प यहाँ
मार्ग प्रशस्त हो अभियानों के
कहते सभी प्रकल्प यहाँ।

तेरे सारे अनुमानों औ
उम्मीदों का आकाश लिए।
आज राह भी चली सफर में
नूतन इक अभियान लिए।।

थक कर बैठ नहीं तुम जाना
बाधाओं विपदाओं से
हार नहीं जाना प्रिय मेरे
प्रकृति की आपदाओं से।

दिनकर तेरे साथ चल रहा
खुशियों का अनुमान लिए।
आज राह भी चली सफर में
नूतन इक अभियान लिए।।

✍️©️अजय कुमार पाण्डेय
      हैदराबाद
      06जनवरी, 2021

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