नन्हें पांव।


नन्हें पांव।   

नन्हें-नन्हें पांवों की आहट
कितने स्वप्न नए जगाती है
अंतः आह्लादित हो जाता
एहसास नए जगाती है।।।

जीवन का सुनापन भरता
घर-आंगन उपवन सा खिलता
उसके आने की हलचल से
नया रूप, नया जीवन मिलता।

नन्हें-मुन्ने की किलकारी
खुशियां नई जगाती है
पीड़ामुक्त लगता तब जीवन
अंतरतम तक महकाती है।

देखे उसका रूप सलोना
अवसाद सभी छंट जाते हैं
नन्हें-नन्हें पांवों की आहट
जीवन में जब आते हैं ।।

✍️©️अजय कुमार पाण्डेय
        हैदराबाद
        12जून,2020

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