रहेगी पास माँ हरपल मुझे इतना भरोसा है।
मेरी नादानियों को देवताओं माफ कर देना,
सभी देवों से भी ज्यादा मुझे माँ पर भरोसा है।
राष्ट्रनीति का वाहक, एक राष्ट्र श्रेष्ठ राष्ट्र का समर्थक, बेबाकी से दिल की बातों को कहता हूँ।
झुलसाया है इतना
वक्त के थपेड़ों ने
के नींद से उठकर के
अब जग गया हूँ।।
मेरी सभी रचनाओं का सर्वाधिकार सुरक्षित है।
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पानी जैसा जीवन अपना पानी जैसा जीवन अपना बह जाए चुपचाप। कभी नदी बन, कभी धार बन धोये सब संताप। पानी जैसा जीवन अपना बह जाए चुपचाप॥ कभी हिमालय क...
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