माँ

भले हो दूर माँ मुझसे मगर इतना भरोसा है।
रहेगी पास माँ हरपल मुझे इतना भरोसा है।
मेरी नादानियों को देवताओं माफ कर देना,
सभी देवों से भी ज्यादा मुझे माँ पर भरोसा है।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मेरी मृदु मुस्कान तुम्हीं से

मेरी मृदु मुस्कान तुम्हीं से  मन के नील गगन में गुंजित भावों को अमरत्व दिलाती, मेरे पथ को सज्जित करती ऐसी मृदु मुस्कान तुम्हीं से। जीवन के म...