चिड़िया रानी।

चिड़िया रानी।  

सुबह सवेरे डाल डाल पर
फुदक फुदक कर आती चिड़िया
सूरज उगने के संग संग ही
मीठा राग सुनाती चिड़िया।।

आँगन आँगन गाना गाती
वन उपवन चहकाती चिड़िया
अँधियारा अब दूर हुआ है
संदेशा पहुँचाती चिड़िया।।

त्यज आलस्य नींद से जागो
मेहनत से कभी ना भागो
मेहनत का पर्याय नहीं है
सबको ये समझाती चिड़िया।।

©️✍️अजय कुमार पाण्डेय
       हैदराबाद
       05जून, 2021

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

ख़याल करता हूँ

ख़याल करता हूँ वतन को बाँटने वालों से सवाल करता हूँ, मैं आज भी उसी भारत का ख़याल करता हूँ। जो सच की बात करे उसकी आवाज़ दबती है, मैं ऐसे हर सि...